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अनलॉक 1 में संकट मोचन मन्दिर को भी अब जनसमान्य के लिए खोलने की है तैयारी



 12/Jun/20

नोडल अधिकारी डॉ. संजय राय ने परखी मंदिर की तैयारी

कोरोना कहर के बढ़ते संकट के चलते पूरी तरह लॉकडाउन के बाद आम दर्शनार्थियों के लिए पूरी तरह से बंद धार्मिक स्थलों को अनलॉक 1 में अब शर्तों के साथ खोलने का निर्देश दिया गया है। इसी क्रम में पिछले दिनों सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वयं बनारस आकर श्री काशीविश्वनाथ मंदिर की तैयारियों का जायजा भी लिया और स्वयं बाबा के दरबार में शीश नवाया।

सीएम के जाने के बाद बनारस का जिला प्रशासन भी प्रत्येक धार्मिक स्थलों को आम दर्शनार्थियों के लिए खोलने से पूर्व उनकी तैयारियों को परखने में जुटा हुआ है। अनलॉक 1 की घोषणा के कई दिनों बाद अब बनारस के अति प्राचीन श्री संकट मोचन मन्दिर को भी जिला प्रशासन की गाइड लाइन के अनुसार मंदिर प्रबंधन खोलने की तैयारी में जुटा हुआ है।

बताते चलें कि श्रीसंकटमोच मंदिरों के प्रति लोगों की गहरी आस्था के मद्देनजर इस बात की पूरी सम्भावना है कि मंदिर खुलने के बाद दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए आम जनमानस को कोरोना के संक्रमण से बचाव मन्दिर प्रबन्धन प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के लिए जारी दिशा निर्देशों को पूरी तरह सुनिश्चित कर ले।

जिला प्रशासन के निर्देश पर बनारस के सभी धार्मिक स्थलों में शासन से जारी दिशानिर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित कराने के लिए सीएमओ कार्यालय वाराणसी के नोडल अधिकारी डॉ. संजय राय को लगातार विभिन्न धार्मिक स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं।

इसी क्रम में उन्होंने बनारस के श्री संकट मोचन मन्दिर पहुंच कर महन्त प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र से मुलाकात कर कोविड 19 में अनलॉक 1 के बाद कोरोना संक्रमण से दर्शनार्थियों के बचाव हेतु शासन के दिशानिर्देश के बारे में पूरी जानकारी दिया।

इस दौरान डॉ. संजय राय ने देखा कि मन्दिर को खोलने से पूर्व महंत जी स्वयं आम दर्शनार्थियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिनग, सेनिटाइजेशन, थर्मल स्कैनिंग व स्वच्छता की जबरदस्त तैयारी करा रहे हैं।


तमाम पाबंदियों में अब जिला प्रशासन ही तय करे कि आम दर्शनार्थियों के लिए मंदिर कब खोला जाए : महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र

इस बारे में क्लाउन टाइम्स ने महंत प्रो. विश्वभरनाथ मिश्र से मंदिर खोलने की तैयारियों के संदर्भ में उनसे फोन पर सम्पर्क किया तो वे फिलहाल कैमरे पर बोलने के लिए तैयार नहीं हुए, किंतु फोन पर उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन की पाबंदियों में अब प्रशासन ही तय करें कि उसे आम दर्शनार्थियों के लिए मन्दिर कब खोला जाएगा। कहा कि लॉकडाउन में भी मंदिर में पूजन अर्चन का कार्य निर्बाध गति से चलता रहा। महंत जी की माने तो अनलॉक 1 में कोरोना कहर की इस विकट परिस्थिति में सरकार के दिशा निर्देशों को कड़ाई से सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। शासन के दिशा निर्देशों के अनुपालन में कहीं कोई चूक हो गई तो इसके लिए मंदिर प्रबंधन पर मुकदमा भी कायम हो सकता है, जो एक बड़ी मुसीबत हो सकता है।

यह बात सच भी है की जिस प्रकार लॉकडाउन में तमाम शर्तों को हूबहू लागू कराने के बाद भी सारी सुविधाओं से लैस बनारस के कई अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के जाने के बाद हॉस्पिटल सील हुए और उनके संपर्क में आए डॉक्टरों को क्वारंटाइन भी होना पड़ा। ऐसे में आम दर्शनार्थियों में कौन कोरोना संक्रमित होकर संकट मोचन के दरबार में प्रभु हनुमान जी से अपना संकट दूर करने के लिए आए और अन्य दर्शनार्थियों को प्रसाद के रूप में कोरोना संक्रमण बांटकर चला जाए, जिसकी सजा मंदिर प्रबंधन भोगे तो यह गंभीर विषय है।

शायद यही कारण है संकट मोचन मंदिर को अभी तक आम दर्शनार्थियों के लिए खोलने के लिए महंत जी असमंजस में हैं।




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