MENU

योग करो और रहो निरोग : डॉ. संजय राय प्रदेश उपाध्यक्ष आइएमए



 21/Jun/20

अंतराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून पर विशेष

27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ ( यूएनओ ) के 69 वें सत्र को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने विश्व समुदाय से अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का आह्वान किया ।
11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों ने रिकॉर्ड 177 सह समर्थक देशों के साथ 21 जून को "अंतराष्ट्रीय योग दिवस" मनाने का संकल्प सर्वसम्मति से अनुमोदित किया।

योग क्या है

योग मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। यह स्वस्थ जीवन को जीने की कला एवं विज्ञान है।

योग और स्वास्थ्य

वजन नियंत्रण - योग से चर्बी गलती है और वजन नियंत्रित रहता है।

तनाव - योग से एड्रिनलीन और कॉर्टिसोल रसायन के उत्सर्जन में कमी आती है, जिसके कारण मानसिक तनाव या स्ट्रेस नियंत्रित रहता है।

स्मरण शक्ति - योग से मस्तिष्क में रक्त संचरण और ऑक्सिजन बढ़ता है, जिससे स्मरण शक्ति बढ़ती है। मेडिटेशन से एकाग्रता बढ़ती है और बौद्धिक व कार्य क्षमता दोनों बढ़ता है।

डायबिटीज - योग से रक्त में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ती है। साथ ही इन्सुलिन रेसिस्टेंस कम होता है, जिससे इन्सुलिन ज्यादा असरकारक होता है। वजन नियंत्रण व तनाव कम होने के साथ ऑक्सिजन की मात्रा बढ़ने से भी इन्सुलिन ज्यादा असरदार होता है।

हृदय रोग - योग से तनाव कम होने के कारण ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। हृदय व रक्त वाहिनियां भी सशक्त होती हैं और रक्त संचरण बढ़ता है।

श्वसन रोग - फेफड़े की कार्य क्षमता और ऑक्सिजन बढ़ने से अस्थमा और सीओपीडी जैसी बीमारी नियंत्रित रहती है।

अस्थि रोग - योग एक व्यायाम भी है जिससे जोड़, कमर, पीठ व गर्दन के दर्द से बेहद आराम मिलता है।

उदर रोग - योग से कब्जियत , बदहजमी और गैस की समस्या से निजाद मिलता है।

योग हमेशा किसी योगाचार्य की मदद से सीखना व करना चाहिए। योग तमाम तरह के रोग से बचाव व नियंत्रण में सहायक है।

 


इस खबर को शेयर करें

Leave a Comment

Can't read the image? click here to refresh.



Ad Area

सबरंग