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प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री से मिले मंत्री रवीन्द्र जायसवाल



 23/Jun/20

मुख्यमंत्री के सामने नदेसर तालाब में घटिया किस्म के प्रयोग हो रहे ईट आदि सामग्री का मामला उठाया मंत्री ने

भले ही सूबे की योगी सरकार जीरो टालरेंस की बात करे किंतु जब अपनी ही सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में हो रहे विकास कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर मंत्री रवीन्द्र जायसवाल को मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करनी पड़े तो मामला काफी गंभीर है।

बावजूद इसके उत्तर प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्यमन्त्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने मंगलवार 23 जून को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और वाराणसी में स्मार्ट सिटी योजनांतर्गत चल रहे कार्यों में हो रही अनियमितताओं को न केवल अवगत कराया बल्कि जांच के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से टीम गठित करने का आग्रह भी किया।

मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्मार्ट सिटी योजना के तहत नदेसर में निर्माणाधीन तालाब के निरीक्षण के दौरान उपयोग हो रहे ईंट को उठा कर आपस में टकराया तो दोनों ईंट चूर-चूर हो गए। करप्शन का आलम यह था कि नंबर एक का ईंट बताकर दो नंबर के ईट का प्रयोग किया जा रहा था। साथ ही लाल बालू के जगह पर महीन कंक्रीट का इस्तेमाल हो रहा था। मौके पर संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे, जिनको खूब खरी-खोटी सुनाई और काम की गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश दिया। वही एक अन्य मामले में आईपीडीएस योजना में धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा आईपीडीएस के अपूर्ण कार्य से जनसामान्य को दिक्कत होने पर संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग भी की। जहाँ अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि इन कार्यों में भ्रष्टाचार हुआ है। वाराणसी में चल रहे प्रधानमंत्री के सभी ड्रीम प्रोजेक्ट की गुणवत्ता जांच के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से टीम गठित करने का आग्रह किया। इस दौरान मंत्री रवीन्द्र जायसवाल के साथ पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह भी मौजूद रहे।

 


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