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  काला वर्ष रहा 2020 व्याधपारियों के लिए : राजन बहल



 11/Jan/21

वर्ष 2020 काफी दुर्भाग्यपूर्ण रहा वर्ष के शुरुआत से ही कोरोना की छाया आ गई मार्च के बाद विकराल रूप में छा गया सभी का बिजनेस ठप हो गया है। पुरानी पेमेंट जनवरी की अभी तक नहीं मिल पाई है पचासी बनारसी साड़ी व्यापारियों का दुर्भाग्यपूर्ण काला  वर्ष 2020 था 2021 में बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं है क्योंकि शादियों में 100 लोगों से ऊपर अभी भी लोग नहीं जा रहे हैं । इतने तो परिवार के लोग ही हो जाते हैं और एक ही परिवार के लोग कितनी साड़ियां खरीदेंगे व्यापार चलाने के लिए साड़ियों का रेंज मिलाना पड़ता है सभी कलरो का ध्यान रखना पड़ता है जो कि कोरोना की वजह से नहीं हो पा रहा है। बाहरी ग्राहक आना बंद हो गए हैं लॉकडाउन के कारण 5 परसेंट ग्राहक ही बनारस आ पाते हैं । दुकानदार ऑनलाइन कितनी साड़ियां बेच पाएंगे कारीगरों का भी पैसा रुका हुआ है जो कि नहीं  दे पा रहे हैं हालांकि सरकार ने लोन की योजना बना रखी है लेकिन उसका फायदा व्यापारियों को नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण व्यापार में बहुत दिक्कतें पैदा हो गई है। व्यापारियों की मांग थी की जितना उनका टर्नओवर है उसका 20 प्रतिशत कर मुक्त लोन दिया जाए। जिससे कारीगरों को उनका पूरा पैसा दिया जा सके और अधिक से अधिक माल  तैयार करवाया जा सके और फिर तेज गति से उत्पादन शुरू हो जाए लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया अभी भी सरकार से व्यापारी उम्मीद लगा कर बैठे हैं कि उन्हें इंटरेस्ट फ्री लोन दिया जाए  अगर व्यापारियों को सरकार लोन नहीं दे सकती तो कारीगरों को दें जिससे वह अपना रूम चला सके  और व्यापार बढ़ा सके जिससे व्यापारियों  पर पैसा लगा सके यार्न और रेशम का दाम काफी बढ़ा हुआ है। यार्न  4200 रू किलो  हो गया है रेशम का काम कम हो गया है । सरकार को इस पर सब्सिडी देने की आवश्यकता है अगर वैक्सीन आ गई तो वैक्सीन लगने के बाद हो सकता है। शादी ब्याह में लोग अधिक से अधिक आए और बनारसी साड़ियों का खरीदारी बढ़ जाए जिससे व्यापार में आसानी होगी।
 


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