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मातृ वंदना सप्ताह के दौरान वाराणसी रहा अव्वल



 13/Sep/21

पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) चलायी जा रही है। इस योजना को गति देने के लिए प्रदेश भर में एक से सात सितम्बर तक मातृ वंदना सप्ताह मनाया गया, जिसमें शहरी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुये वाराणसी जनपद को प्रदेश में तीसरा स्थान मिला है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीबी सिंह ने बताया कि सप्ताह के दौरान सभी पात्र गर्भवती व धात्री महिलाओं को लाभ पहुँचाने पर जोर दिया गया । जनसामान्य तक ज्यादा से ज्यादा योजना का प्रचार-प्रसार किया गया और स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा दिया गया । इसके अलावा कोविड टीकाकरण के प्रति गर्भवती को विशेष तौर पर जागरूक किया गया । इस दौरान गर्भवती को उचित आराम व पोषण की जरूरत के बारे में समझाया गया और नियमित प्रसव पूर्व देखभाल की आवश्यकता बताई गईं, जिससे एक हृष्ट-पुष्ट शिशु के लिए गर्भवती के पोषण का खास ख्याल रखा जा सके।

एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ एके मौर्य ने बताया कि एक से सात सितम्बर तक चलाये गए पीएमएमवीवाई साप्ताहिक अभियान का उद्देश्य योजना को जनमानस तक पहुंचाना एवं पात्र महिलाओं को योजना से लाभान्वित कराना था, जिसके फलस्वरूप एक सप्ताह में जनपद के शहरी क्षेत्रों की 637 महिलाओं को लाभ पहुंचाकर जनपद वाराणसी ने प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होने बताया कि जनवरी वर्ष 2017 से शुरू हुई इस योजना से वाराणसी में अब तक करीब 70214 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। उम्मीद है कि आगे भी पात्र गर्भवती व धात्री महिलाओं को लाभ पहुँचाने पर ऐसे ही प्रयासरत रहेंगे। योजना से संबन्धित लाभ व जानकारी के लिए हेल्पलाइन नम्बर 7998799804 पर कॉल किया जा सकता है।

पीएमएमवीवाई के अंतर्गत पहली बार गर्भवती होने पर पात्र लाभार्थी को तीन किश्तों में 5000 रूपये दिये जाते हैं। इसके तहत पंजीकरण के लिए गर्भवती और उसके पति का कोई पहचान पत्र या आधार कार्ड, मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कापी जरूरी होती है। पंजीकरण के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने और गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर धात्री महिला को तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किये जाते हैं।


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