MENU

योगी सरकार ने मानवता,इंसानियत को शर्मसार कर दिया : अजय राय  



 01/Oct/21

पूर्व मंत्री उ.प्र.सरकार अजय राय ने कहा की प्रदेश में चल रही काले-करतूतों वाली योगी सरकार में मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में यूपी पुलिस ने होटल में ठहरे कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता को पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। कारण सिर्फ यह था उनसे देर रात जांच पर सवाल किया। पूरा उत्तर प्रदेश अराजकता, गुंडाराज,जंगलराज भेंट चढ़ चुका है। यूपी अपराध की राजधानी हो गई है अब तो उत्तर प्रदेश में पीड़ितों को धमकाया जाता है व गुनहगारों का जी हुजूरी किया जाता है। हम मुख्यमंत्री से पूछना चाहते है आपके गृह जनपद गोरखपुर में पुलिस ने कानपुर के निर्दोष व्यापारी मनीष गुप्ता की हत्या कर एक बच्चे के सिर से पिता का साया और एक पत्नी का सुहाग उजाड़ दिया। पूरे परिवार की उम्मीद चला गया। फिर भी योगी सरकार पीड़ित के साथ नही बल्कि दोषी पुलिसकर्मियों के साथ खड़ी है। यह पहला मौका यही की उत्तर प्रदेश सरकार दोषियों सँग खड़ी बीते साढ़े चार वर्षों में ऐसे अनेक उदाहरण है जिसमे योगी सरकार पूर्ण रूप से दोषियों सँगसाठ करके दोषियों सँग खड़ी रही है। हाथरस, उन्नाव, बरेली, लखीमपुरखीरी, ऐसे अनेको नही सैकड़ो उदाहरण है जहाँ दोषियों को योगी सरकार ने संरक्षण दिया व पीड़ितों को परेशान किया उनको उत्पीड़ित किया। शर्म आना चाहिए इस सरकार को। इस सरकार ने मानवता इंसानियत को शर्मसार कर दिया। गलत निर्णय,गलत कार्य, अलोकतांत्रिक प्रकिया के तहत यह सरकार चल रही है। व्यवसायीयो को अपना वोट बैंक मानने वाली भाजपा के सरकार में व्यवसायी की हत्या हो गयी वह भी पुलिसकर्मियों ने व्यवसायी को टैक्स देने के बदले मौत दिया गया । यह सरकार संवेदनहीन सरकार है। सरकार ने मृतक की पत्नी को न्याय नहीं लालच दिया जा रहा है। पैसा और नौकरी देकर मामले को सुलझाया जा रहा है। मुख्यमंत्री न्याय की बजाय अधिकारियों से प्रलोभन दिलवा कर मामला खत्म करवाना चाहते है। लेकिन जिसने अपने दुनिया को खो दिया हो वह न्याय से मनेगा प्रलोभन से नही। पूरी कांग्रेस पार्टी मृतक के परिजनों सँग खड़ी है न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी सँघर्ष को तैयार है। सवाल यह है की यह कैसी कानून व्यवस्था है ? हमारी मांग है की मृतक के परिवार के साथ हो इंसाफ। हत्यारे पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हो हत्या का मुकदमा सजा मिले। पीड़ित को कम से कम 1 करोड़ रुपया मुआवजा मिले व सरकारी नौकरी।

 


इस खबर को शेयर करें

Leave a Comment

Can't read the image? click here to refresh.



सबरंग