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अर्धनग्न डांस मामले भेलूपुर पुलिस ने बैंक्वेट मालिक, कर्मचारियों और कुछ खास को कैसे छोड़ा

मुख्य संवाददाता

 16/Jan/18

पिछले दिनों थाना भेलूपुर अन्तर्गत दुर्गाकुण्ड क्षेत्र के अल्फा ट्यूटोरियल्स बिल्डिंग के बत्रा बैंक्वेट हॉल में देर रात अर्धनग्न डांस मामले में 2 दर्जन से अधिक युवक-युवतियाँ जेल के सलाखों के पीछे भेजने में पुलिस कामयाब हो गई। जिसकी पूरी खबर मीडिया की सुर्खियाँ बनी। इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की कार्यशैली अब सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं तभी तो वाराणसी के आईजी दीपक रतन ने इस पूरे प्रकरण की गोपनीय जाँच की जिम्मेदारी क्षेत्राधिकारी कैंट प्रशांत वर्मा को सौंपी गई।

अर्धनग्न डाँस के पीछे की सच्चाई क्या है यह तो जाँच का विषय है किन्तु एफआईआर में शामिल कुल 33 लोगों में से 2 युवक 1 युवती को जमानत पर छोड़ना तथा इसके अतिरिक्त 1 दर्जन से अधिक ऐसे लोगों को बिना किसी लिख-पढ़ी के थाने लाने के पश्चात उन्हें बाइज्जत बरी कर देने की चर्चा जोरों पर है। जितने मुँह उतनी बातें मार्केट में तैर रही है। कोई कह रहा है कि पुलिस ने सभी से मोटी रकम लेकर छोड़ा है। जिन्हें थाने से जमानत पर छोड़ा गया उनमें राहुल सिंह कैवल्यधाम दुर्गाकुण्ड, विवेक कुमार परेडकोठी सिगरा तथा गोलघर थाना कैंट गोरखपुर की रहने वाली एक युवती को भी पुलिस ने थाने से जमानत पर छोड़ा। राहुल सिंह के पिता गौतम सिंह ने क्लाउन टाइम्स से बताया कि उनका बेटा गाँव गया है, उसने जैसा किया है वैसा भरेगा। विवेक कुमार की तफ्तीश करने पर ज्ञात हुआ कि ये पेशे से इंग्लिशिया लाइन के नेहरू मार्केट की प्रथम मंजिल पर डॉ. विवेक कुमार के रूप में अपना पैथोलॉजी सेन्टर चलाते हैं। मौके पर उनके भाई अशोक कुमार ने भी इस घटना से अनभिज्ञता जाहिर किया।

पुलिस कार्यवाही की एक्सक्लूसिव विडिओ यहाँ देखिये

अभी तो पार्टी शुरू हुई थी’ और पुलिस आ धमकी : संतोष

इस चर्चा को इसलिए भी और बल मिलता है कि अर्धनग्न डाँस पार्टी के आयोजक संतोष मौर्या जिसका नाम एफआईआर में संतोष वर्मा दर्ज है इन्होंने बार-बार मीडिया के सामने बर्थ-डे पार्टी होने की बात कही और कहा कि ‘अभी तो पार्टी शुरू हुई थी’ और पुलिस आ धमकी कहीं कोई नग्न डाँस नहीं हो रहा था। बल्कि पुलिस वाले नृत्यांगनाओं के लिए बनाये गये चेंजिंग रूम में घुस कर वीडियो बनाया है। आयोजक ने इस बात से पूरी तरह इंकार किया कि वहाँ बीसी की मीटिंग की आड़ में शराब और युवतियों के मदहोश करने वाले डाँस का आयोजन किया गया था।

डाँस पार्टी के पीछे 10 लाख की बीसी का हुआ था आयोजन ?

 सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डाँस पार्टी के पीछे 10 लाख की बीसी का आयोजन हुआ था ? जहाँ 50 से अधिक  नवधनाढ्यों की जुटान हुई थी और डीजे की धुन पर आधा दर्जन से अधिक बार बालाएं अर्धनग्न अवस्था में मदहोश करने वाले नृत्य प्रस्तुत कर रही थी। सुरा और सुन्दरी की यह महफिल अभी पूरे शबाब पर भी नहीं पहुँची  थी कि किसी ने भेलूपुर पुलिस को मुखबिरी कर दिया। इसी सूचना पर थाना प्रभारी अशेषनाथ सिंह अपने 1 दर्जन सिपाहियों के साथ बत्रा बैंक्वेट हॉल को चारों तरफ से घेर लिया और पुलिस ने आवाज लगाई ‘कोई भागने न पाए’। लगभग रात्रि 9 बजे पुलिस ने छापेमारी किया और कुछ ही देर में डाँस पार्टी में शामिल नवधनाढ्यों को पुलिस थाने ले आई किन्तु इनमें से कई मौके से ही या तो पुलिस की मिलीभगत से अथवा पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहे।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर डाला छापा

पुलिस की एफआईआर में साफ तौर पर लिखा हुआ है कि थाना प्रभारी अशेषनाथ सिंह पुलिस बल के साथ धर्मसंघ चौराहे के सामने बत्रा बैंक्वेट के तृतीय तल पर कुछ युवतियों व पुरुषों के देह व्यापार में लिप्त होने की सूचना उन्हें मुखबीर से मिली थी। इसी सूचना को विश्वास करके चौकी प्रभारी बजरडीहा रमेश यादव, चौकी प्रभारी अस्सी धनंजय सिंह आदि सहित महिला कांस्टेबल के साथ सीढ़ी के रास्ते तृतीय तल पर पहुँचे तो मुखबीर हॉल दिखाकर वापस हो गया| पुलिस वाले हॉल में प्रवेश किये तो देखा ‘युवतियाँ अर्धनग्न स्थिति में नाच रही थी’ और धीरे-धीरे म्यूजिक बज रहा था। वहाँ पर बैठे कुछ पुरुष शराब पी रहे थे और कुछ खड़े होकर युवतियों के ऊपर रुपया उड़ा रहे थे। कोने में कपड़े के पर्दे से आड़ किया गया था, जिसमें कुछ युवतियों के साथ अर्धनग्न स्थिति में पुरूष लिपटे हुए थे। जैसे ही पुलिस वालों की नजर उनपर पड़ी हॉल में अफरा-तफरी मच गयी युवतियाँ जल्दी-जल्दी अपने-अपने शरीर को ढकने लगीं तथा कपड़ा पहनने लगीं। पुलिस ने उनका वीडियो बनाया तथा महिला कांस्टेबल द्वारा युवतियों को तथा पुलिस कर्मियों द्वारा पुरुषों को अलग-अलग कर नाम-पता पूछा गया। जिनमें संतोष वर्मा लक्सा, प्रेम कुमार सिगरा, सुजीत कुमार हुकुलगंज, असीम वर्मा लक्सा, रोहित वर्मा अस्सी, राजेश गुप्ता नई बस्ती लक्सा, संजय कुमार सिंह सरायगोवर्धन, विनोद कुमार विश्वकर्मा हुकुलगंज, राजीव वर्मा जुगुलटोला मच्छोदरी, अमिताभ गुप्ता रमरेपुर कैंट, जहाँगीर आलम नई सड़क, सुनील कुमार मध्यमेश्वर, चेतन पण्ड्या छित्तुपुरा, जयकिशन कश्यप कैमूर बिहार, राहुल सिंह कैवल्यधाम दुर्गाकुण्ड, पवन कुमार कृष्णा अपार्टमेंट महमूरगंज, रजत बरनवाल मड़ौली, राकेश कुमार हुकुलगंज, राकेश कुमार नंदन साहू लेन चौक, बृजेश कुमार राजघाट, गगनदीप सिंह गोविंदपुरा, थाना चौक, विनोद कुमार हड़हा चौक, विवेक कुमार परेडकोठी सिगरा, रोशन कुमार लंका, संजय वर्मा पटियाला सभी ने पूछताछ में बताया कि संतोष मौर्या को पैसा देकर लड़कियों के साथ मौज-मस्ती करने के लिए बुलवाया था। संतोष मौर्या ने पुलिस के सामने माफी माँगते हुए सारा प्रबंध करना स्वीकार किया। इन युवकों के साथ 7 युवतियों व 1 महिला को भी गिरफ्तार का जेल भेजा गया। मौके से 1 म्यूजिक सिस्टम,  कुल 69,895  रुपए बरामद हुआ। 

परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर उठाया सवाल

दुर्गाकुण्ड क्षेत्र स्थित बत्रा बैंक्वेट हॉल में चल रहे कथित रेव पार्टी के दौरान पुलिस छापे पर पकड़े गए लोगों के परिजनों ने सवाल किया कि इस छापेमारी में बत्रा बैंक्वेट के मालिक कर्मचारियों को पुलिस ने क्यों नहीं हिरासत में लिया, जबकि इस पार्टी का आयोजन उन्हीं के परिसर में किया गया था, साथ ही कुछ ऐसे लोगों को भी पुलिस ने पकड़ कर जेल भेज दिया जो वहाँ अपने आगामी शादी की पार्टी की बुकिंग के लिए बैंक्वेट प्रबंधक से बात करने गये थे। नाम न छापने की शर्त पर पुलिस की पकड़ से छूटने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पुलिस के द्वारा मनगढ़ंत कहानी बनाकर सभी को थाने लाया गया और लगभग 1 दर्जन नवधनाढ्यों से लाखों रुपए वसूली कर छोड़ने की चर्चा है।

पकड़े गए लोगों का तुरंत मेडिकल क्यों नहीं कराया

पुलिस की पकड़ से बचे एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अगर पुलिस सही है तो बुधवार 10 जनवरी की लगभग रात्रि 9:30 बजे मारे गए इस कथित छापे को गुरुवार 11 जनवरी की देर रात्रि 2:00 बजे के बाद क्यों दिखाया गया? दूसरा पकड़े गए लोगों का तुरंत मेडिकल क्यों नहीं कराया गया?

 सर मेरी कोई गलती नहीं है हम कलाकार है हमें संतोष ने बुलाया

परिजन ने यहाँ तक कहा कि आर्केस्ट्रा को नग्न डाँस कहकर पुलिस ने मौके से खूब धन बटोरे और जिन्होंने देने से मना किया उसे ही जेल भेजा गया अगर पुलिस के पास अर्धनग्न डाँस का वीडियो है तो मीडिया के सामने क्यों नहीं लाया जाता। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें पुलिस वालों से  नृत्यांगनाएं कह रही हैं कि सर मेरी कोई गलती नहीं है हम कलाकार हैं’ हमें संतोष ने बुलाया है| विडिओ में कुछ पुलिस वाले उनका कपड़ा खींच कर कहते दिख रहे हैं कि ‘नंगा नाच करोगी’। बड़ा सवाल तो यह है कि पुलिस जिन तीन लोगों को छोड़ने का कारण उनके हृदय रोगी होना बता रही है वह किस आधार पर है क्या पुलिस ने उनका मेडिकल कराया था जिससे उनके बातों की पुष्टि हो सके? एक परिजन ने रेशम कटरा क्षेत्र के कथित श्री काशी सर्राफा मण्डल के पदाधिकारी को पकड़ने और बाद में बिना लिख-पढ़ी के छोड़ने पर सवाल खड़ा करते बताया कि उक्त सर्राफा कारोबारी जेल गए पार्टी आर्गनाइजर संतोष मौर्या का सबसे करीबी है जो पुलिस को मोटी रकम देकर रात्रि 2 बजे के बाद छूटा।

बिरोधियों ने बदनाम करने के लिए गुरमीत का नाम उछाला

थाने पर जिनकी उपस्थिति की सूचना थी उनमें रेशम कटरा के सर्राफा कारोबारी गुरमित सिंह का नाम भी सोशल मीडिया पर छाया रहा। इस बारे में श्री काशी सर्राफा मण्डल के मंत्री श्री गुरमित ने क्लाउन टाइम्स को लिखित रूप से बताया कि उनके विरोधी उन्हें बदनाम करने के लिए उनका नाम उछाल रहे हैं जबकि वे कुछ व्यापारियों के पकड़े जाने की सूचना पर उन्हें छुड़ाने गए थे। श्री गुरमित तथा उनके कई और शुभचिंतकों ने क्लाउन टाइम्स को अपनी सफाई देते हुए कहा कि वे निर्दोष हैं| बतायाकी की वे अपने कुछ परिचितों की पैरवी में गाये थे पर नाम नहीं बताया | जिस समय गुरमित थाने पर मौजूद थे उस समय रात्रि के लगभग 2 बजे थे, इनके साथ गोविंदपुरा, सुड़िया क्षेत्र के कई सर्राफा कारोबारी पुलिस के गिरफ्त में आ चुके थे जिन्हें पुलिस ने बिना लिखा-पढ़ी के छोड़ दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन लोगों में से 1 को पुलिस ने मौके से ही सेटिंग करके खिसका दिया और 2 को थाने से छोड़ा गया। बिना लिखा-पढ़ी के छूटे हुए लोगों में एक भेलूपुर का रियल इस्टेट कारोबारी भी चर्चा में है। वैसे तो ये सारी खबरें अलग-अलग सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है। वास्तविकता तभी सामने आ सकती है जब 10 और 11 तारीख की भेलूपुर थाने की सीसी टीवी फुटेज जाँच अधिकारी अपने कब्जे में ले लें तो ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ हो जायेगा।


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