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जेएचवी मॉल में दिनदहाड़े गोली चलाने वाला एक और अभियुक्त पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार



 16/Nov/18

वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के कैंटोमेंट एरिया में स्थित जेएचवी मॉल में दिनांक 31/10/2018 को दोपहर में चार अज्ञात लोगों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग कर चार लोगों को घायल कर दिया गया था। जिसमें ईलाज के दौरान दो व्यक्तियों की मौत हो गयी तथा दो अन्य का ईलाज चल रहा है। उक्त सनसनीखेज घटना को गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी द्वारा पुलिस अधीक्षक नगर व पुलिस अधीक्षक अपराध के नेतृत्व में उक्त घटना में शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु क्राइम ब्रान्च सहित 12 टीमों का गठन किया गया था। गठित टीमों ने वाराणसी के विभिन्न स्थानों सहित बिहार के आरा, सिवान, पटना, सासाराम, चन्दौली आदि विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर दिनांक 2/11/2018 को घटना में शामिल साजिशकर्ता 25 हजार रूपये का इनामिया रोहित सिंह, दिनांक 5/11/2018 को क्राइम ब्रान्च टीम व कैंट थाना टीम ने 50 हजार इनामिया आलोक को गिरफ्तार किया।

इसी क्रम में प्रभारी क्राइम ब्रान्च विक्रम सिंह व उनकी टीम तथा थानाध्यक्ष लोहता राकेश सिंह, मय फोर्स व अन्य पुलिस टीम  के उक्त सनसनीखेज घटना में शामिल अभियुक्तों के पतारशी-सुरागरशी व गिरफ्तारी हेतु कोटवां बाजार में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे, वायरलेस सेट पर शिवपुर थानाध्यक्ष नागेश सिंह द्वारा यह सूचना दी गई कि बदमाशों द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस पार्टी पर फायर कर बदमाश लोहता के तरफ भाग रहे हैं, उक्त सूचना पर क्राइम ब्रान्च व लोहता पुलिस पिसौर पुल के तरफ बढ़ी तभी दो बदमाश मोटरसाईकिल से आते हुए दिखाई दिये। अपने तरफ आती पुलिस को देखकर मोटरसाईकिल सवार बदमाश फायर करते हुए मुड़े और फिसल गये। झाड़ियों का ओट लेकर बदमाश लगातार पुलिस टीम पर फायर करने लगे। पुलिस टीम द्वारा बार-बार यह चेतवानी देने के बावजूद कि तुम लोग चारों तरफ से घिर चुके हो, अपने आप को आत्मसर्पण कर दो फिर भी बदमाशों द्वारा लगातार पुलिस टीम को लक्ष्य करके फायरिंग होती रही। इसी बीच बदमाशों द्वारा चलाये गये गोली से पुलिस टीम के हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र मौर्या को बायें हाथ में लगी जिससे वह घायल होकर गिर गये, जिनको ईलाज हेतु सिंह हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। पुलिस टीम द्वारा अपने जान-जोखिम में डालकर बदमाशों के फायर रेंज में घुसकर आत्मरक्षार्थ फायर किया गया, जिसमें एक बदमाश की चीख निकल गई और फायरिंग बंद हो गई। पुलिस  टीम ने नजदीक पहुंच कर देखा तो एक बदमाश घायल अवस्था में गिरा पड़ा था और उसी के पास .32 बोर का पिस्टल व एक बिना नंबर की मोटर साईकिल गिरा पड़ा था, जबकि दूसरा बदमाश अपने आप को घिरता हुआ देखकर फायर करते हुए अंधेरे व झाड़ियों का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा। घायल बदमाश से पूछा गया तो अपना नाम रिशु सिंह पुत्र मनीष सिंह, निवासी धनगांवा, थाना-तरारी भोजपुर आरा बिहार का बताया, जिसको ईलाज हेतु तत्काल पंडित दीनदयाल मण्डलीय चिकित्सालय भेजवाया गया।

पूछताछ के क्रम में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वह इण्टर पास करके स्नातक में दाखिला लेने के लिए तैयारी कर रहा था कि पिछले साल फेसबुक पर काशी विद्यापीठ के छात्रनेता से मेरी दोस्ती हो गई, फेसबुक के माध्यम से ही छात्रनेता के बुलाने पर बनारस आने-जाने का सिलसिला शुरू हो गया। उन्होंने मेरा एडमिशन विद्यापीठ में कराने का आश्वासन दिया, जिसके कारण नेताओं के चुनाव प्रचार करते थे, उनके कहने पर वोट के लिए विद्यापीठ के छात्रों को डराया-धमकाया करते थे और विवाद होने पर छात्र नेता हमलोगों की मदद करते थे। छात्रनेताओं के कहने पर ही हमलोगों को असलहें उपलब्ध कराये जाते थे। अभियुक्त ने आगे बताया कि वह और कुंदन आरा के स्‍कूल में साथ-साथ पढ़े हैं और बनारस आने-जाने के दौरान आलोक व रोहित से हमलोगों का परिचय भी हो गया था। हम चारों लोग निराला नगर में रोहित के किराये के कमरे पर रहते थे।

यह सभी जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनन्द कुलकर्णी ने एक प्रेसवार्ता में दी।


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