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अन्नदाता बनेंगे वीडीए के पार्टनर

संजय कुमार मिश्र

 25/Feb/19

दिल्ली सरकार ने एक अहम फैसले के तहत लैंड पूलिंग पॉलिसी की मंजूरी दे दी है। इससे बढ़ती शहरी आबादी के लिए जमीन मिलने से नए क्षेत्रों को शहरी विकास हेतु जमीने मिलने का रास्ता आसान हो गया तो किसानों के साथ प्राइवेट बिल्डरों की धोखा-धड़ी पर अंकुश के साथ अवैध कालोनियों पर अंकुश लग सकेगा। यह बातें वीडीए उपाध्यक्ष नें अनौपचारिक रूप से क्लाउन टाइम्स को बताते हुए कहा कि वाराणसी की बात करें तो यहां अवैध कालोनियों की भरमार है, जिसमें बिल्डर किसानों से जमीन खरीद कर पहले फ्लैट बनाते थे, फिर धीरे-धीरे पूरी कालोनी ही अवैध तरीके से बना दी जाती थी अब इस पॉलिसी से ऐसा करना संभव नहीं होगा। अब वीडीए इस मंजूरी से नया वाराणसी बसाने का सपना साकार कर सकेगा। बिना किसी बजट के ही वीडीए अब जिले का नियोजित विकास करा पाएगा। इस पॉलिसी से किसानों की किस्मत भी बदल जाएगी। उन्हें ज्यादा फायदा होगा। अभी तक होता यह था कि किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए वीडीए को जमीन के अघिग्रहण पर लाखों खर्च करना पड़ता था। वाराणसी की बात करें तो यहां के वीडीए उपाध्यक्ष नें तीन माह पहले बाबतपुर में नए वाराणसी शहर बनाने का प्रपोजल शासन को भेजा है, इसी के साथ रिंग रोड और सारनाथ में भी इस पॉलिसी के तहत विकास के लिए सुनहरा मौका मिल  गया है और प्रदेशों की बात करें तो राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली में यह पॉलिसी काफी सफल है। इससे वीडीए को लैंड परचेज करने की समस्या नहीं होगी। 
लैंड पुलिंग के तहत जमीन देने के इच्छुक किसान और वीडीए के बीच समझौता होगा। इसके बाद किसान अपनी जमीन वीडीए को देगा। प्री प्लानिंग के तहत वीडीए इसका विकास करेगा और बेचेगा। इस पॉलिसी के तहत कुल जमीन की 40% जमीन पर वीडीए सड़क, सीवरेज, पार्क व नाली समेत अन्य निर्माण कराएगा। 20% जमीन को प्राधिकरण बेचकर डेवलपमेंट पर जो खर्च होगा, उसकी वसूली करेगा। 40% शेष जमीन किसानों को लौटा दी जाएगी। किसान इस जमीन को बेच कर कमाई कर सकेगा। हांलाकि शासन को अभी लैंड पुलिंग से संबंधित नियमावली आने का इंतजार है।


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