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यूपी बार कौंसिल चेयरमैन के दिए गए बयान पर इलाहाबाद के अधिवक्ताओं ने किया विरोध



 19/Nov/19

इलाहाबाद मेरठ की दुरी ज्यादा है अगर मेरठ में नया बेंच खुलेगा तो आम जनता को फायदा होगा। हरिशंकर सिंह

एशिया के सबसे बड़े हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट में बेंच के बंटवारे को लेकर बीते कई सालों से विवाद चल रहा है।कभी चुनावी मौसम में राजनीतिक दलों द्वारा बेंच के बंटवारे की बात कही जाती है। तो कभी क्षेत्रीय अधिवक्ताओं द्वारा बांटने की मांग उठती रही है। वहीं एक बार फिर हाईकोर्ट के बेंच के बंटवारे की मांग के खिलाफ अधिवक्ता सड़क पर उतर आए हैं।

लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट की बेंच बनाए जाने की मांग उठ रही है। जिसका विरोध इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं द्वारा किया जाता रहा है। अभी भी लगातार इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता इस बात पर अड़े हुए हैं कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय कि अन्य और कोई बेंच नहीं बनाई जानी चाहिए। इस मुद्दे पर राजनीति भी खूब जम के होती है। मौजूदा यूपी बार काउंसिल अध्यक्ष हरिशंकर सिंह के दिए गए बयान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता बार के अध्यक्ष के खिलाफ ही आवाज बुलंद कर रहे हैं।

गौरतलब है कि बीते दिनों एक बयान में यूपी बार के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने पश्चिमी यूपी में बेंच बनाये जाने का समर्थन करते हुए बयान दिया कि कोर्ट की एक और बेंच होनी चाहिए। उनके इस बयान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने भयंकर आक्रोश देखने को मिल रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के नाराज अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष हरिशंकर सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और उनका पुतला हाईकोर्ट के बाहर जलाया और मांग करते हुए कहा कि हरिशंकर सिंह अपने दिए गए बयान को वह वापस लें माफी मांगे।

बेंच बनाना राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री का क्षेत्राधिकार है ना कि यूपी बार कौंसिल का, मिडिया के पुछे गयें सवाल पर कहा बेंच खुलने से हमें कोई परेशानी नहीं

क्लाउन टाइम्स ने जब उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मैं मेरठ में वकीलों की अनुशासन समिति की सुनवाई करने के लिए गया था तो वहां पर मौजूद मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल में कि उत्तर प्रदेश में नया बेंच खुल जाए तो आपको क्या परेशानी है। हमने कहा हमें कोई परेशानी नहीं है क्योंकि यह काम तो राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के क्षेत्राधिकार का है ना कि उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के चेयरमैन के क्षेत्राधिकार का। मिडिया ने कहा कि इलाहाबाद और मेरठ की दुरी बहुत है। तो मैंने कहा अच्छी तो बात है यहां नया बेंच खुल जायेगा तो आम जनता को सहायता मिलेगी। हमने तो आम जनता के हित की बात कहीं है। अगर कोई विरोध कर रहा है तो मैं क्या करूं।


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