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आरक्षण के मौलिक अधिकार पर भाजपा का घिनौना हमला : दीपेंद्र सिंह हुड्डा

चंचल दास

 19/Feb/20

भाजपानीत उत्तराखंड सरकार के द्वारा हाल ही में एससी/एसटी वर्ग के सरकारी नौकरी में आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दिए दलील में कहा गया कि एससी एसटी वर्गों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने के प्रति सरकारों की कोई संवैधानिक जवाबदेही नहीं है।इसके विरोध में आज वाराणसी के मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय में भारतीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने जमकर भाजपा व मोदी सरकार पर निशाना साधा।उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है जिसके अंतर्गत प्रेस वार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने उत्तराखंड सरकार की इस दलील को देश के संविधान व एससी एसटी के आरक्षण के मौलिक अधिकार पर घिनौना हमला बताया।उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर दलितों,वंचितों और उपेक्षित समुदाय को संविधान में मिले आरक्षण के हक को छीनने और उनपर मनुवादी संस्कृति को बढाने का आरोप भी लगाया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया की संघ प्रमुख मोहन भागवत तथा भाजपा के नेताओं द्वारा समय - समय पर आरक्षण के खात्मे को लेकर जो बयान दिए जाते रहे हैं जिसमे अब यह दलील भी जुड़ गया है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि इस घटना से यह स्पष्ट है कि भाजपा सरकार आरक्षण के संविधान निहित अधिकार को ही पूरी तरह खत्म कर देना चाहती है ।मोदी सरकार आरक्षण व्यवस्था तोड़ने पर संसद को गुमहराह कर रही है । मोदी सरकार के व सामाजिक न्याय मंत्री ने देश को यह नही बताया कि -

1 - उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार ने कभी भी सुप्रीमकोर्ट में अपील दायर नही की थी । मुकेश बनाम स्टेट ऑफ उत्तराखण्ड का सुप्रीमकोर्ट का 7 फरवरी 2020 का निर्णय उत्तराखंड की भाजपा सरकार के द्वारा दायर किये गए SPL ( civil) ) 27715 Of dated 19.11.2019 में आया है ।

2 - सुप्रीमकोर्ट में अपील उत्तराखंड भाजपा सरकार द्वारा डाली गई, सुप्रीमकोर्ट में उत्तराखंड भाजपा सरकार के वकीलों ने दलील दी व उस दलील के आधार पर गरीबों के आरक्षण के अधिकार को रद्द कर दिया गया । ऐसे में कांग्रेस की पूर्व सरकार पर आरोप गढ़ने का कोई औचित्य नही बच जाता ।

3 - भाजपा व संघ परिवार ने बार-बार आरक्षण पर पुनर्विचार तथा आरक्षण को खत्म करने की मांग रखी है । इस बारे में आरएएस प्रमुख मोहन भागवत व मनमोहन वैद्य का बयान उल्लेखनीय है ।

इस दौरान उन्होंने बताया की NCB रिपोर्ट के मुताबिक सन 2017 में 43203 मामले दर्ज हुए , यानी हर रोज देश मे 118 दलित उत्पीड़न के मामले दर्ज हुए व हर घण्टे दलित उत्पीड़न के पाँच मामले दर्ज हुए।

अंत मे उन्होंने कहा कि यह साफ है कि भाजपा शासन में दलित, आदिवासी, बैकवर्ड शोषण के शिकार हैं तथा न्याय से वंचित हैं । कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधीजी ने आह्वान किया है कि कांग्रेस का हर साथी दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों ,शोषितों, वंशीटोंक संवैधानिक अधिकारों की बहाली की लड़ाई निर्णायक तौर से लड़ेंगे।इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपेंद्र सिंह हुड्डा,अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम जावेद,कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय,प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष ललितेशपति त्रिपाठी,कांग्रेस कमेटी जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल,महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे,प्रजानाथ शर्मा,सीताराम केशरी आदि कांग्रेसी नेता उपस्थित रहें।


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