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जैपुरिया स्‍कूल्‍स वाराणसी में शिक्षक प्रतिशक्षण कार्यक्रम ‘एडु गुरूकुल’ कार्यक्रम सम्‍पन्‍न



 02/Mar/20

सेठ एम.आर. जैपुरिया स्कूल्स बनारस के बाबतपुर कैम्पस में वाराणसी परिक्षेत्र के शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिये एडु गुरूकुलकार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस  कार्यशाला में वाराणसी, चन्दौली एवं जौनपुर, तीनों जनपदों से 35 विभिन्न स्कूलों के कुल 400 से अधिक शिक्षकों एवं अनेक प्रधानाचार्यों ने प्रतिभागन किया। इस कार्यशाला की मुख्य वक्ता के रूप में शिक्षाविद, बाल विकास विशेषज्ञ, लेखिका एवं कहानीकार सुश्री उषा छाबरा (दिल्ली) ने शिक्षकों को बेहतर भविष्य के निर्माण में आधुनिक शिक्षा पद्धति के महत्व के बारे में बताया एवं बच्चों की मनःस्थिति को भी जानने के तरीकों के बारे में समझाया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ स्कूल के चेयरमैन श्री दीपक कुमार बजाज एवं अन्य ने दीप प्रज्जवलन करके किया। अपने सम्बोधन में सेठ एम. आर. जैपुरिया स्कूल्स बनारस के चेयरमैन श्री दीपक कुमार बजाज ने कहा कि शिक्षा एक यज्ञ है और इस यज्ञ में शिक्षकों द्वारा दी जाने वाली आहुति से सबका भला होता है। समाज व राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

दिल्ली से पधारी विशेषज्ञ वक्ता सुश्री उषा छाबरा ने बताया कि बच्चे दर्पण के समान  होते हैं वो वही करते हैं जो हम उन्हें करते हुये दिखाते हैं। एक शिक्षक बच्चों के लिये सजीव उदाहरण होता है। सुश्री उषा ने बच्चों में एकाग्रताशक्ति को बढ़ाने की बात कही और उसके लिये उन्होंने कई गतिविधियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि कक्षा में बच्चों द्वारा किये गये छोटे-छोटे प्रयासों को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिये, जिससे सबमें कुछ नया करने की इच्छा जाग सके। सुश्री उषा ने शिक्षकों को कक्षा के हर बच्चे की छिपी प्रतिभा एवं ताकत को पहचानते हुये उसे सही दिशा में प्रयोग करने की बात कही। सुश्री उषा ने शिक्षकों को कहानी, कविता, रोल-प्ले के माध्यम से विभिन्न बिन्दुओं पर भी विस्तार से प्रशिक्षित किया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्या सुश्री सुधा सिंह ने कहा कि शिक्षकों को प्रसन्नता एवं जिम्मेदारी के साथ शिक्षा प्रदान करने के लिये स्वयं को अपडेट रखना होगा। उन्होने ने यह भी कहा कि ज्ञान देना आसान है लेकिन स्वयं अमल करना मुश्किल है। इसलिये जो ज्ञान दें उसका अमल सुनिश्चित करें जिससे वह ज्ञान हमेशा बच्चों के लिये उपयोगी हो।

कार्यशाला के उपरान्त शिक्षकों के लिये खेल-कूद व अन्य गतिविधियों का भी आयोजन किया गया जिसमें प्रश्नोत्तरी, क्रिकेट, वालीवाल, बैडमिण्टन इत्यादि का शिक्षकों ने विशेष आनन्द उठाया।

अपने अनुभव बताते हुये कुछ शिक्षकों ने इसे अपने शिक्षक जीवन के लिये अत्यन्त उपयोगी कहा जिसके माध्यम से अब वे और बेहतर शिक्षा दे सकेंगे और कमजोर बच्चों पर भी आसानी से ध्यान दे सकेंगे।

इस कार्यक्रम में जैपुरिया स्कूल्स बनारस के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार बजाज, अधिशासी निदेशक  श्याम सुंदर बजाज, निदेशक अनिल के. जाजोदिया, प्रधानाचार्या सुधा सिंह, नरेन्द्र पाण्डेय इत्यादि लोग उपस्थित रहें।

 


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