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आज महामारी के दौर में स्वास्थ्य बीमा कितना जरूरी



 05/Jun/21

स्वास्थ्य बीमा न होने पर जान बचाने हेतु ये एक कठिनतम समय: अभिलेश वर्मा

आज मानव जीवन एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। पिछले वर्ष शुरू हुई कोविड की महामारी से वैश्विक स्तर पर न जाने कितने लोग काल कवलित हो गये। कुछ लोगों को समय पर सही इलाज़ नसीब नही हुआ,वही अनेक लोग आर्थिक तंगी से बेबस नजर आये और काल के कठोर हाथों ने उन्हें अपनों से जुदा कर दिया। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का ढाँचा भी इस भीषण महामारी की वजह से चरमरा गया एवं कोविड संक्रमित लोगों के इलाज़ के दावे हवा हवाई साबित हो गये। सदी की इस भीषण महामारी की कल्पना न तो देश, प्रदेश में उच्च पदों पर बैठे हुए नेताओं व अधिकारियों ने की थी,न तो इस बीमारी से लड़ने की पूरी तैयारी थी। प्रशासनिक, वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से स्थिति जब तक संभलती,तब तक कितने ही घरों के चिराग बुझ गये। वहीं अनेक लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने इस गम्भीर बीमारी से दो दो हाथ किये और कुशल डॉक्टरों के इलाज की वजह से आज बीमारी को मात देकर अपना सामान्य जी रहे हैं।

स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है। हमारे देश में एक बड़ा तबका ऐसे लोगों का है जो धन की कमी से इस गंभीर बीमारी का उचित इलाज़ नहीं करवा पाये। यदि उनका स्वास्थ्य बीमा होता तो शायद वे अपने आप को बचा पाते। इसी सोच और स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने वाली कंपनियों की हकीकत जानने के लिए स्टार हेल्थ इश्योरेंस के इश्योरेंस एडवाइजर अभिलेश वर्मा के साथ क्लाउन टाईम्स के रिपोर्टर दिनेश मिश्र व प्रतिमा पाण्डेय ने की सीधी बात।

अभिलेश वर्मा ने बताया कि स्टार हेल्थ इन्श्योरेंस चेन्नई, तमिलनाडु स्थित एक भारतीय कम्पनी है। कम्पनी हेल्थ, पर्सनल एक्सीडेंट व ओवरसीज ट्रैवेल इन्श्योरेंस के क्षेत्र में बीमा सम्बन्धी सेवा प्रदान करती रही है। अभिलेश वर्मा स्वयं पिछले कई वर्षों से वाराणसी की जनता को स्टार हेल्थ इन्श्योरेंस के माध्यम से इन्श्योरेंस की सुविधा प्रदान कर रहे है। उनकी कम्पनी की स्कीम से वाराणसी के कई नागरिक लाभान्वित हुए है, जिसकी वजह से आज वाराणसी में एक सफ़ल हेल्थ इन्श्योरेंस एडवाइजर के रूपमें उनकी पहचान है। वे CMD क्लब के मेंबर है जो उनके द्वारा किये गए सफ़ल बीमा व्यवसाय का प्रमाण है।

अभिलेश वर्मा के अनुसार स्टार हेल्थ इन्श्योरेंस तीन प्रकार के हेल्थ इन्श्योरेंस जारी करता है।

1. फैमिली हेल्थ इन्श्योरेंस

2. इंडिविजुअल हेल्थ इन्श्योरेंस

3. सीनियर सिटिज़न इंश्योरेंस

फैमिली हेल्थ इन्श्योरेंस के अंतर्गत माता, पिता व दो बच्चों को बीमा कवर प्रदान किया जाता है। ये एक कम प्रीमियम वाला इन्श्योरेंस है। उम्र के अनुसार प्रीमियम का निर्धारण होता है।

 

यदि 10 लाख का हेल्थ इन्श्योरेंस लिया जाये व पूरा धन बीमारी में खर्च हो जाये तो 1.5 लाख का अतिरिक्त कवर मिलता है। अर्थात यदि बीमारी में 10 की बजाय 11 लाख 50 हज़ार भी खर्च हो जाये तो पूरा खर्च बीमा कम्पनी देती है। इसके अलावा यदि मान लीजिये कि बीमित व्यक्ति की लीवर की बीमारी में 10 लाख रु खर्च हो गये और उसे हृदय की बीमारी हो गई तो उसे फिर से 10 लाख का कवर मिलेगा। इसमें टॉप अप फैसिलिटी भी उपलब्ध है अर्थात बीमित व्यक्ति कुछ अतिरिक्त प्रीमियम जिसे टॉप अप कहते है देकर अपनी बीमा राशि को कई गुना बढ़ा सकता है।

इंडिविजुअल हेल्थ इन्श्योरेंस के अंतर्गत सुविधाएं बढ़ा दी जाती हैं, जैसे कि 10 लाख की पालिसी लेने पर बीमा कवर 20 लाख हो जाता है। पेशेंट के साथ उसके अटेंडेंट का भी डेली खर्च बीमा कम्पनी देती है जो कि पालिसी के अनुसार 750 रु से 2500 रु प्रतिदिन तक होती है।

सीनियर सिटिज़न पालिसी के अन्तर्गत 60 प्लस की उम्र के लोगों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है। एक बार जो प्रीमियम निश्चित हो गया तो वो जीवन भर नहीं बढ़ता। इसमें सारे रोग कवर होते हैं।

उपरोक्त सभी पालिसी में पहले दिन से ही एक्सीडेंटल केस कवर होता है, 15 दिन के बाद कोविड केस कवर होता है। 30 दिन के बाद सारी बीमारियां कवर होती है जो बीमित व्यक्ति को पहले से न हों। यदि व्यक्ति को पहले से ही कोई गम्भीर बीमारी है तो उसे कोई पालिसी जारी नहीं होगी। किसी भी पालिसी का प्रीमियम, चार्ट के अनुसार निश्चित होता है।

एक प्रश्न के उत्तर में अभिलेश वर्मा ने बताया कि यदि कोविड की बीमारी के समय प्राइवेट हॉस्पिटल कैशलेस इलाज़ नहीं कर रहे है तो ये उनकी बहुत बड़ी गलती है, हॉस्पिटल के संचालक अधिक बिल बनाने के चक्कर में ऐसा करते है। यदि ऐसा है तो सारे बिल का निश्चित भुगतान स्टार हेल्थ इंश्योरेंस इलाज़ के बाद कर देती है।


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