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सनबीम लहरतारा दे रहा है अमेरिकी छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति की शिक्षा



 25/May/23

आधुनिक शिक्षा की मशाल लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक योग्यता देने वाला सनबीम स्कूल लहरतारा बनारस का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय माना जाता है। इसी कड़ी में यह विद्यालय आधुनिक गतिविधियों की प्रयोगशाला है। विगत कई वर्षों से एएफएस संस्थान के विशेष परियोजना के अंतर्गत अमेरिकी छात्र छात्राओं का एक समूह हिन्दुस्तान की सर ज़मीं पर हिन्दी भाषा और हिन्दुस्तान की संस्कृति सीखने रहे हैं। गर्व की बात यह है कि वर्ष 2016 से लगातार छात्रों का यह समूह सनबीम स्कूल लहरतारा में अपनी शिक्षा हेतु रहा है। इस वर्ष भी 12 छात्र छात्राओं एवं 2 शिक्षकों का समूह 20 से 26 मई के शैक्षणिक दौरे पर बनारस के सनबीम लहरतारा में रूका हुआ है। इन बच्चों ने बाबा काशी विश्वनाथ के दरबार में माथा टेककर काशी में अपने आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक यात्रा का शुभारंभ किया। वे काशी के नयनाभिराम घाटों की सुन्दरता और सुबह बनारस के रस में घुलने मिलने लगे। प्रातःकालीन दिनचर्या एवं घाटों की सुन्दरता ने उन्हें काशी के आध्यात्म का दर्शन कराया। बुद्ध स्थली सारनाथ पहुँच कर उन्होंने मानवीयता और मध्यम मार्ग के गूढ़ ज्ञान का अनुभव किया।

बनारस बीड्स लिमिटेड, स्तुति वीव्स के हैंडलूम कॉलोनी और गौशाला जाकर उन्होंने कला कुशलता, निर्माण की प्रक्रिया को बहुत करीब से देखा और उस पर अपना हाथ आज़माया। इलीनॉस के राज पांड्या, नॉर्थ कैरोलिना के साहिल, सिद्धार्थ गिरिधरन्, कैलीफोर्निया की ब्रूकलीन, फ्लोरिडा के ब्रायन, न्यूयॉर्क की एंजेला, वरजीनिया की श्रीचरिता, टेक्सस  के लीएम, वॉशिंगटन डीसी की कायला, कोरया के गेज, अरकान्सास की लीडिया और न्यू जर्सी की स्वरा की इस टीम को शिकागो में रहने वाले शिक्षक टेड जॉनसन लीड कर रहे हैं।

पाणिनि कन्या महाविद्यालय, काशी लाभ मुक्ति भवन, बीएचयू भ्रमण भी करेंगे। सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष ने बताया कि यही माध्यम है जो सही मायने में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा की जड़ों को एक विद्यालय में प्रतिष्ठित करता है और हमारे यहाँ के बच्चों को भी विदेश जाकर आधुनिक पद्धति से रूबरू होने का मार्ग प्रशस्त करता है। सनबीम लहरतारा सही मायने में एक शैक्षणिक प्रयोगशाला है जहाँ हर दिन यहाँ के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए नये प्रयोग किये जाते हैं, इस अवसर पर समूह की निदेशिका भारती मधोक ने हर्ष जताते हुए कहा कि यह सच में गौरव का विषय है कि इतने महत्वपूर्ण परियोजना के लिए पिछले सात सालों से पूरे हिन्दुस्तान में सिर्फ सनबीम लहरतारा को चुना जा रहा है, यह इस बात का प्रमाण है कि सनबीम लहरतारा आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ काशी की परम्परा और संस्कृति का संरक्षण भी करती है। समूह की उप निदेशिका अमृता बर्मन ने बोला काशी की मिट्टी से सदियों से ना जाने कितने गुणी जन समृद्ध होते रहें हैं, और इसी कड़ी में इन बच्चों को यहाँ देख कर ख़ुशी होती है, यह यात्रा यूँ ही जारी रहेगी।


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